
हमेशा चर्चा में रहने वाले सरगुज़ा संभाग के दबंग आबकारी सहायक जिला अधिकारी रंजीत गुप्ता को सरगुजा संभाग में बेहतरीन काम करने के लिए 76वें गणतंत्र दिवस पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। हर्षोल्लास के वातावरण में रंजीत गुप्ता ने कहा कि “आप सभी के सहयोग से सरगुजा संभाग में बेहतरीन काम करने का अवसर मिला यह प्रशस्ति पत्र आप सभी के सहयोग से प्रदान हुआ है सभी को दिल से आभार व्यक्त करता हूं।”
सदैव चर्चा में बने रहने वाले रंजीत कुमार अपनी विशिष्ट कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं। चाहे वह ताबड़तोड़ तलाशी अभियान हो अथवा बड़े से बड़े लोग उनसे बचना लगभग असंभव है।
फिलहाल अग्रिम जमानत पर हैं
हालांकि वह अभी उच्च न्यायालय द्वारा अग्रिम जमानत पर हैं जिसमें उन्हें पुलिस गिरफ्तार तो कर सकती है लेकिन मुचलके पर तत्काल उन्हें छोड़ना भी पड़ेगा।
14 नवंबर 2024 की है FIR
दिनांक 14 नवंबर 2024 को दर्ज हुई FIR में निचली अदालत ने जमानत आवेदन निरस्त कर दिया था।




पूर्व में भी रहे हैं चर्चा में


एक कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी के ऊपर ऐसे आरोप लगना तो आम बात है। अपने रामानुजगंज के आलीशान निवास को छोड़ उड़नदस्ते में लगातार छापेमारी करना सच में कोई साधारण बात नहीं। लोग तो ऐसे ही आरोप लगाते रहते हैं कि साहब डरा धमकाकर पैसे ऐंठ लेते हैं और न देने पर झूठा प्रकरण बनाकर जेल भेज देते हैं। लेकिन सत्यनाद ऐसी बातों की पुष्टि नहीं करता किंतु एक प्रश्न अवश्य है कि FIR के लगभग ढाई माह पश्चात भी पुलिस की कार्यवाही क्या किसी दबाव में कमजोर है??






